Screen Reader Access Skip to Main Content Font Size   Increase Font size Normal Font Decrease Font size
Indian Railway main logo
खोज :
Find us on Facebook View Content in English
National Emblem of India

हमारे बारे में

यात्री सेवा

न्यूज़/प्रेस विज्ञप्ति

अद्यतन

निविदाओं और अधिसूचनाएं

प्रदायक सूचना

सम्पर्क करें/अन्य



 
Bookmark Mail this page Print this page
QUICK LINKS

उपलब्धियों का विवरण(Achievements)

1.20.01.2014 को मोतीबाग कारखाना, नागपुर में इनोकूलम जेनरेशन प्‍लांट का उद्घाटन किया गया / इनोकूलम का अंतिम उत्‍पादन आरंभिक चार्ज के दो महीने के बाद से प्रारंभ होगा। प्‍लांट (संयत्र) की क्षमता 100 घन मीटर है।

2.मोतीबाग कारखाना/नागपुर में बायो-डाइजेस्‍टर टैकों का निर्माण किया जा रहा है। ऐसे टैकों का प्रयोग दक्षिण पूर्व मध्‍य रेलवे के साथ-साथ अन्‍य जोनल रेलवे के द्वारा भी किया जा रहा है।

3.बिलासपुर के आरसीडी को नवीनीकृत एवं उन्‍नत कर दिया गया। 27.01.2014 को एचएसडी टैकों की अंडर ग्राउण्‍ड व्‍यवस्‍था की गई है। इस नवीकृत आरसीडी में संरक्षा संबंधी विशेषताएं और भी ज्‍यादा हैं।

4.दुर्ग कोचिंग डिपो तथा बिलासपुर कोचिंग डिपो में क्रमश: 05.03.2012 एवं 20.12.2012 को 1 टन क्षमता वाले यंत्रीकृत लॉण्‍ड्री प्‍लांट लगाए गए।

5.दपूमरे आधारित 15 गाडि़यों में ऑन-बोर्ड हाउस कीपिंग सेवाएं लागू की गई।

6.दपूमरे के सभी कोचिंग में डिपों में कोचों की यंत्रीकृत सफाई कार्य को लागू कर दिया गया है। फिर भी कोरबा, रायगढ़, शहडोल, अम्बिकापुर एवं चिरमिरी में टर्मिनेट होने वाली गाडि़यों के लिए सफाई-ठेका उपलब्‍ध है।

7.बेयर शेल से सुसज्जित एक ऑब्‍जर्बेशन कार को 18.01.2013 को चालू किया गया।

8.बिलासपुर स्‍टेशन में 05.08.2012 से स्‍टेशन की गाडि़यों की सफाई की जा रही है।

9.455 लीटर क्षमता वाले एक अतिरिक्‍त वाटर टैंक लगाकर तथा ड्रम को हटाकर एक पैंट्रीकार को मॉडिफाई किया गया।

10.यांत्रिक एवं विद्युत शाखा के संयुक्‍त प्रयास से दक्षिण पूर्व मध्‍य रेलवे को उर्जा संरक्षण के क्षेत्र में द्वितीय सर्वोत्‍तम जोनल रेलवे चुना गया और इसे ऊर्जा मंत्री द्वारा राष्‍ट्रीय ऊर्जा संरक्षण पुरस्‍कार 2012 प्रदान किया गया।

11.दक्षिण पूर्व मध्‍य रेलवे में पहली बार डब्‍ल्‍यूडीजी-4 लोको के मल्‍टी यूनिट सफलता पूर्वक प्रारंभ किए गए।

12.वर्ष 2012-13 के डीजल रनिंग कर्मचारी की क्रू समीक्षा की गई और कुल 163 पदों के सृजन की स्‍वीकृति दी गई, जिसके परिणामस्‍वरूप दक्षिण पूर्व मध्‍य रेलवे में डीजल परिचालन में काफी सुधार हुआ है।

13.दक्षिण पूर्व मध्‍य रेलवे के सभी डीजल फ्यूलिंग इंस्‍टॉलेशन को मुख्‍य विस्‍फोटक नियंत्रक, नागपुर से विस्‍फोटक क्‍लीयरेंस प्राप्‍त हो चुका है।

14.साइडिंग पर क्रू की रिलीविंग हेतु कोरबा में एक तथा ब्रजराजनगर में दो सड़क वाहनों की व्‍यवस्‍था की गई है।इन वाहनों की व्‍यवस्‍था किए जाने से कार्यनिष्‍पादन एवं क्रू टर्न राउण्‍ड में 10 घंटे का सुधार हुआ है।

15.बिलासपुर में 21.01.2013 को कारखाना सुचना प्रणाली (डब्‍ल्‍यूआईएसई) सफलतापूर्वक लांच की गई है।

16.बीएमवाई के दुर्घटना स्‍थल के ब्रेक डाउन कर्मचारियों एवं एम व पी के परिवहन हेतु ब्रेक डाउन ट्रक को सुधार कर नवीनीकृत कर दिया गया है।

17.एरो-6, बीओबीआरएन रेक में मॉडिफाइड फेब्रिकेटेड डोर हिंग्‍स लगाया गया है।

18. एआरएमई/बीएमवाई टूल वैन में विकास।

·महत्‍वपूर्ण टेलीफोन नं. के ‘’डिसप्‍ले’’ बोर्ड, पड़ोसी मंडलों के रोड मैप, सामग्रियों के स्‍थान, एआरएमई की मानक सूची तथा संरक्षा स्‍लोगन संबंधी कार्य को एआरएमई वैन में पहले ही पूरा कर दिया गया है।

·आरएमई उपकरण वैन में मोबाइल चार्जिंग की सुविधा प्रारंभ कर दी गई है।

·एआरएमई उपकरण वैन के भीतर मॉडूलर कीचन बनाया गया है।

·विभिन्‍न विभागों के एआरटी कर्मचारियों को टूल्‍स एवं प्‍लांट तक पहुँचने में आसानी हो इसके लिए समग्र अंदरूनी संशोधन कार्य को पूरा कर दिया गया है।





Source : CMS Team Last Reviewed on: 17-11-2016  


  प्रशासनिक लॉगिन | साईट मैप | हमसे संपर्क करें | आरटीआई | अस्वीकरण | नियम एवं शर्तें | गोपनीयता नीति Valid CSS! Valid XHTML 1.0 Strict

© 2010  सभी अधिकार सुरक्षित

यह भारतीय रेल के पोर्टल, एक के लिए एक एकल खिड़की सूचना और सेवाओं के लिए उपयोग की जा रही विभिन्न भारतीय रेल संस्थाओं द्वारा प्रदान के उद्देश्य से विकसित की है. इस पोर्टल में सामग्री विभिन्न भारतीय रेल संस्थाओं और विभागों क्रिस, रेल मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा बनाए रखा का एक सहयोगात्मक प्रयास का परिणाम है.